
श्वेता प्रकाश कुकरेजा।(विधा : लघुकथा) (साथी हाथ बढ़ाना | सम्मान-पत्र)
सब शून्य हो गया..जैसे ही उसने सुना..”मिस्टर गौरव आपको आइसोलेशन वार्ड में रहना पड़ेगा 15 दिन,चलिए”… अभी सदमे से वह उबर न पाया कि तभी

सब शून्य हो गया..जैसे ही उसने सुना..”मिस्टर गौरव आपको आइसोलेशन वार्ड में रहना पड़ेगा 15 दिन,चलिए”… अभी सदमे से वह उबर न पाया कि तभी

कट जायेगा सफर साथी निभाना साथ मिल नहीं सकते तो क्या फोन पर कर ले बात हम सब मिलकर करेंगे मुकाबला चाहे जो आ जाये

आज करें खुद से ये वादा , कोई वेईमानी न कर दिखलाये, तुम पुकारो अपने घर से हमें , हम यहाँ खुश हो जाये ,

जंग हमारी है तेरे से,सावधान कोरोना…जितने की तैयारी अब तुझसे है करना… साथी हाथ बढ़ाना… हमें है घर में रहना..दुजा नहीं बहाना.. साथी हाथ बढ़ाना…

साहस और संयम का , आ चल फिर से इतिहास दोहराएँ, होता क्या है हाथ बढ़ाना साथी, आ चल दुनिया को दिखलाएँ दीए की इक

मदद करे , प्यार बढाऐं सदा, जगत चले । रजिन्दर कोर (रेशू)

भटकती दिशाओँ में आशाओं के दीपक जलाएं साथी हाथ बढ़ाना हम रोशनी की मिसाल बनाएं प्रीति पटवर्धन

सोच सोच कर बातें ऊटपटांग, ना डरना खुद ना ही किसी को डराना! घड़ी विकट है करोना की साथी बस तू हिम्मत हर एक की

चलो भाई मिल के चलें चलो भाई मिल के चलें जीवन की राह में हम सब संग-२ साथ-२ चलें चलो भाई…. देश को अगर उन्नत

साथी हाथ बढ़ाना क्योंकि कोरोना को है हमें हराना !! @रीता बधवार
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