जंग हमारी है तेरे से,सावधान कोरोना…जितने की तैयारी अब तुझसे है करना…
साथी हाथ बढ़ाना…
हमें है घर में रहना..दुजा नहीं बहाना..
साथी हाथ बढ़ाना…
घर मे रहकर पत्नी का हाथ बटाना.. और प्रेम की गंगा बहाना..
साथी हाथ बढ़ाना..
वक्त निकाल स्वयं के पास जाना…आत्म चिंतन की और बढ़ना..
साथी हाथ बढ़ाना….
इन लम्हों को हमेंशा याद रखना..फिर कभी भूल मत जाना..
साथी हाथ बढ़ाना…
याद रखना यह सच्ची राष्ट्र सेवा का है बहाना…
इससे अच्छा नहीं जीवन का अफसाना..
साथी हाथ बढ़ाना…
जय हिंद…🙏🇮🇳🙏
रजनीश सेठी