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सोनिया सेठी ( उत्सव प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

*जीवन एक उत्सव*
आकाश से उतरी रेशमी, रंगीन रश्मियां,
प्रज्वलित करतीं धरा को ये सुंदर दीप्तियां।

दीपोत्सव में खिलखिलाते, गहराते रिश्ते,
रोशनी में भीगे, सराबोर मतवाले हर्षाते।

ये एहसास करवाते, जीवन एक उत्सव है,
बेजान साज़ों में भी तब सुर खनक जाते हैं।

गहरे ये रिश्ते नाते हैं, जिनमें संग रोते हँसते हैं,
सुख दुःख के सब मौसम, करवट बदलते हैं।

दिल की जमीन पर सुंदर, विस्तृत रंगोली है,
पटाखे छुड़ाती नटखट बच्चों की टोली है।

अमावस की रात चाहे कितनी ही गहरी हो,
एक दीपक ही काफ़ी है, राहें रोशन करने को।

उत्सव के रंग न हो तो, नीरस है ये जीवन,
जैसे सरगम के सुर न छिड़े तो, सूना है मन आंगन।

धीमे से यादों को धड़का जाता है कोई गीत जब,
साथ साथ गुनुगुनाते हैं ये दिल, छेड़ कोई सुर तब।

मिलकर कहते हैं तब ये जीवन एक उत्सव है,
जीवन उपहार है, जीना सुंदर एक उत्सव है।

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