नींद में सपने प्रायः
आते हैं बिन बुलाए
पल दो पल के
मेहमान की तरह
रहते हैं याद
केवल कुछ दिन
पर जो सपने देखे
जागती आंखों से
वो हो गए साथी
सदा के लिए
संग लाए है
अटूट बुलंद हौसला
परवाज़ भरने को पंख
जिनके दम पर
हर दिन होता है
एक नई उड़ान
जिसकी दिशा
मोहताज नहीं होती
किसी की पसंद नापसंद
अथवा सहमति की…