इन्द्र ने सतरंगी धनुष उठा कर
बादलों संग नया खेल खेला है
देखो कैसा है मौसम रंगीन और अलबेला है
धूप बारिश के मिलन से इन्द्रधनुष आया आकाश में
सुन्दर, मनमोहक, रंग-बिरंगा प्रकाश में
प्रकृति की यह सुबह होती है स्वच्छ सुन्दर
पेड़ पौधे भी खुश हो जाते है
जब बारिश आये इन्द्रधनुष साथ लेकर
दिल करता है ये रंगीन नजारा रोज देखूँ
काश वक्त के साथ मै यही रूक जाउँ
इन्द्रधनुष के रंगों जैसा ये संसार निराला है
कोई है फिके रंग लिए तो कोई शोख मतवाला है
घटायें आज हम पर मेहरबान हो रही है
संग अपने बारिश की बूँदें ला रही है
वादियों में फिर नये फूल खिल रहे हैं
इन्द्रधनुष में आज नये रंग भर रहे हैं ।