आओ मिलकर पेड़ लगायें
धरती को हम हरा-भरा बनायें
चारों ओर जब छायेगी हरियाली
झूम उठेगी तब डाली-डाली
पशु-पक्षी और इंसान सभी
मिल-जुल कर रहेंगे साथ
पृथ्वी पर ही होगा हमको
तब स्वर्ग का एहसास
पेड़ों को काटो मत तुम
खाद- पानी देकर बड़ा करो
लौटायेंगे वो ऋण तुम्हारा
मीठे फल व लकड़ी देकर