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प्रमोद (UBI सावन की पुकार प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र)

~~~ :: सुनहरी यादें :: ~~~

 

झरोखे .. याद के  खुलते हैं .. तो

वो .. मंजर .. याद .. आते हैं ..

तेरी .. कातिल .. निगाहों .. के

वो .. खंजर .. याद .. आते हैं .. !!

 

कभी .. तैरे थे .. हम तुम .. वो

समन्दर .. याद .. आते .. हैं ..

हसीं .. लम्हे .. मोहब्बत .. के 

वो .. अक्सर .. याद .. आते हैं .. !!

 

वो .. तेरा .. हँस के .. कहना ..

तुम ~~~~~  बड़े .. वो हो ..

मेरी .. यादों .. की .. जन्नत .. को

अभी भी .. फिर .. सजाते .. हैं .. !!

 

वो .. सावन .. और .. वो .. बारिश

तेरे .. चेहरे .. पे .. वो .. रिमझिम ..

तेरा .. लहरा .. के .. खिल .. जाना 

वो .. मौसम .. याद .. आते .. हैं .. !!

 

तेरे .. आँचल .. का .. लहराना ..

वो .. रह रह कर .. सिहर .. जाना 

तेरी .. आँखों .. का .. अल्हड़पन ..

अभी .. भी .. गुदगुदाते .. हैं .. !!

 

कभी .. तो .. फिर .. मिलोगी .. तुम

मुझे .. पाकर .. खिलोगी .. तुम ..

मेरे .. दिल .. को ~~ अभी भी .. ये ..

सुनहरे .. स्वप्न .. आते .. हैं .. !!!!!

 

~~~ :: प्रमोद :: ~~~

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