आज फिर से वही ट्रैफ़िक जाम
जब भी निकलती घर के बाहर पाती ट्रैफ़िक जाम सड़क पर,
लाल,नीली, पीली हरी, काली सफेद, गाड़ियों की लंबी कतार
गाड़ियों का उमड़ता सैलाब
कितने डूबे,कितने फंसे, कितने उतराये है किसे खबर?
रोगी अस्पताल पहुंच न पाता
छात्र परीक्षा दे न पाता
कारण ट्रैफ़िक जाम
क्या बूढ़ा,क्या बच्चा, कुछ कर न पाता हाथ मलता ही रह जाता
जीवन के संग्राम में उलझने और बढ़ाता
मुसाफ़िरों के गंतव्य में अड़चनें लगाता यही ट्रैफिक जाम
कारण पूछो तो सभी अपनी-अपनी
मजबूरी बताते
कभी शासन तंत्र तो कभी बढ़ती जनसंख्या को जिम्मेदार ठहराते
सभी अपने को सही तो दूसरों को ग़लत बताते
सच पूछो तो आगे बढ़ने की होड़ में
अनुशासन हीन बन सभी ट्रैफ़िक नियम तोड़ते जाते।