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भूरचन्द जयपाल ( उत्सव प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

जब तक जीवन है उत्सुकता उत्सव है
मनमयूर नाचता है दीपों का उत्सव है
रंग-बिरंगी फुलझड़ियाँ है
सुन्दर पटाखों की लड़ियाँ है
आसमान में चमके जैसे जुगनू
आतिशबाजी की जैसे घड़ियाँ है
अंधकार में रोशन तारे
तारों की सुन्दर झड़ियाँ
धड़कन दिल की बढ़ जाती
सुन आसमान घड़ धड़िया
संयम हम बरतें थोड़ा सा
जीवन जीलें थोड़ा सा
दूषण रहित हो पर्यावरण
ऐसे वर का करें वरण
दोस्ताना रिश्ता प्रकृति संग
ना हो रुग्ण-जन-तंग
ऐसे मनाये दिवाली
हर जन-मन-उत्सव
स्नेह-तेल प्रेम-बाती
भिगो मन दीप जलाये
चलो आओ सब मिल
हम दीपावली मनायें ।।

 

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