“दादी नानी की कहानियाँ सुनकर जो होते हैं बड़े
जीवन के महान संग्राम वो ही जमकर होते हैं खड़े
मुसीबतों का अंबार हो या विघ्न बाधाएँ रास्ता रोके
नहीं विचलित होते वो इनसे,पहाड़ से वो होते हैं अड़े।”
स्वरचित,मौलिक,सर्वाधिकार सुरक्षित(C) भार्गवी रविन्द्र