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नमिता सिंह। (विधा : कविता)(उड़ान संख्या २०२२ | सम्मान पत्र)

उड़ान संख्या 2022 के यात्री समस्त
रहे हँसी-खुशी, सुखी और स्वस्थ।
विस्तृत नभ में भरें ऊँची परवाज
नई उमंग, नवजीवन का आगाज।
अतीत को भूल,बनाएँ नया आकाश
नव कल्पना,नव तरंग ,नव उल्लास।
नव स्वप्न ,नव ऊर्जा का संचार
बिखरी हों सर्वत्र खुशियाँ अपार।
सबकी झोली में खुशियों की सौगात हो
सुख का संसार हो,दुःख का न कोई ठाँव हो।
खत्म हो महामारी,भय तिरोहित हो जाए
पूर्ण हो स्वप्न ,हृदय आह्लादित हो जाए।
इंद्रधनुषी आसमान हो, उड़ो अथक
स्वर्ण रश्मियों से रोशन हो तुम्हारा पथ।
सबके सुखद यात्रा की करती हूँ मैं कामना
कोई दुखी ना रहे,सबमें प्रेम की हो भावना।
मैं नमिता सिंह ‘आराधना’ प्रशंसा पत्र विजेता यह घोषणा करती हूँ कि मेरी प्रविष्टि पूर्ण रूप से मूल और अप्रकाशित है और मुझे इसे यूनाइटेड के ब्लॉग अनुभाग में इंक की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा प्रकाशित करने में कोई आपत्ति नहीं है।

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