
अल्का शुक्ला। (विधा : हाईकू) (हीरा है सदा के लिए | प्रशंसा पत्र)
चमचमाता! हीरा है सदा हीरा। चमकदार। हीरक बनो. करोड़ों लाखों एक नेक इंसान। चमकती है. पर हीरक नहीं. जौहरी जाने। हीरे की कनी, सुकून भी

चमचमाता! हीरा है सदा हीरा। चमकदार। हीरक बनो. करोड़ों लाखों एक नेक इंसान। चमकती है. पर हीरक नहीं. जौहरी जाने। हीरे की कनी, सुकून भी

बरसों कोयला बन कर सुलगता है तब कहीं हीरा बन कर चमकता है शहला जावेद

जब जलता है कोयला जन्मों तक, तब हीरे से वो भेंट करता है, धैर्य रखने वाला ही अक्सर सफलता को पाता है।। ©️ मनीषा तिवारी

नायाब हो तुम, हो सबसे जुदा आने से तुम्हारे जल उठे हैं राहों में हज़ारों दिए हमने जलाई थी लौ जो कभी बुझने ना दी

दौलत की कसौटी पर यहाँ हर रिश्ता तौला जाता है सबकी बोली लगाई जाती है ,सबका मोल आँका जाता है मगर नही बन सका सका

जब भी अपनी उँगली पर सजी हीरे की अंगूठी को देखती हूँ उनको बहुत याद करती हूँ।वो सच कहती थी कि हीरा सदा के लिए

“मन हीरा” ये जीवन तो माया है तू दो दिन को आया है क्यों इस तन पे इतराए ढल जानी ये काया है। सोने चांदी

जियो जीवन को कुछ ऐसे, सदा हीरे सा तुम चमको, चलो नेकी के पथ पर ही, कभी ना मार्ग से भटको ! मिला मानुष जन्म

रुतबा शान हीरा ही पहचान सदा के लिए © प्रीति पटवर्धन

कीचड़ में रहकर भी जो कमल बनता है काँटो में खिलकर भी जो गुलाब बनता है वो जो धधकते कोयलों और अंगारों के बीच जन्म
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