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Poetry

प्यार ही तो है…

आज बस यूंही समुन्द्र के किनारे जब तन्हा खडी रही, हर घड़ी मन मे बस एक ही खयाल आया,क्या कोई है ऐसी जगह जहां प्यार की

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Poetry

उम्मीद

कुछ लफ्ज़ अनकहे से रह गए, कुछ दर्द आंसू बनकर बह गए, कुछ पन्ने युहीं खाली छूट गए, कुछ सपने आँखों में ही कहीं टूट

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Blog

माँ

घंटो तक मेरी निगाहें तकती रही दूर कही , गीली आँखें थरथराते होठ बस आंसू ही आंसू थे वही, हर सांस हर धड़कन हर एहसास

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