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Hindi Poetry

“अवाम का आत्मकथ्य”

हम चाहने वाले पशु हैं हम जो होता है उसे ही चाहते है बाद में उसके होने का शोक मनाते हैं बाद में जो नहीं

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Hindi Poetry

“लोग”

बड़े अजीब है लोग सांप से लहराते हुए चलने वाले बात बात पर बात बदल बदल के बोलने वाले लोगों के लिए आप महज़ पीकदान

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Hindi Poetry

“पिता”

आज भी देखा है मैंने पिता को शाम को कंडिया लेकर शनिवार के रोज़ कट्टे के थैले में हमारे लिए खिलौने लाते हुए पहले छुपाते

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Hindi Poetry

“चुप” रहने की आसानी पर

आसान है चुप रहना बहुत आसान है बकबादियों के विवर में चुप रहकर बचे रहना कालों की दुनिया में सफेदपोश हो किसी भी अंदर के

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LIFE GOES ON

सोनिया सेठी (विधा : कविता) (चलती रहे ज़िंदगी | प्रशंसा पत्र )

खट्टी मीठी यादों की स्मृति है जिंदगी, कभी अनूठी, अनसुलझी पहेली है जिंदगी। कभी धूप की चाह, पर बरसात है जिंदगी, आस – निरास के

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LIFE GOES ON

अश्विनी राय ‘अरूण’ (विधा : कविता) (चलती रहे ज़िंदगी | प्रशंसा पत्र )

शीर्षक: मंजिल पाने तक तुम भी कुछ कदम चलो, हम भी कुछ कदम चलें, कदम से कदम मिलाकर मंजिल पाने को निकल पड़े बहते चले

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LIFE GOES ON

श्याम सुन्दर शर्मा (विधा : कविता ) (चलती रहे ज़िंदगी | प्रशंसा पत्र )

चलती रहे जिंदगी रेलगाड़ी सी बेतहाशा रफ़्तार से चल रही, कभी खट्टी तो मीठी यादों में ढल रही, सरपट दौड़ते दृश्य अद्भुत प्यारे, पीछे छूटते

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LIFE GOES ON

ललिता वैतीश्वरन (विधा : सत्य कथा ) (चलती रहे ज़िंदगी | प्रशंसा पत्र )

(इस कथा में पात्र का नाम बदल दिया गया है) चलती रहे ज़िन्दगी न रुकना ही ज़िन्दगी है ..और सलाम उस ज़िन्दगी से जूझने वाले

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