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Being Human

रीता बधवार।(विधा :लेख) (मानवता | प्रशंसा पत्र)

मानवता परमो धर्म: इस धरती पर मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं- यदि हम यह कहें तो कोई अतिशयोक्ति न होगी।मान्यताओं के अनुसार हमें मानव

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Being Human

श्वेता प्रकाश कुकरेजा।(विधा : लघु कथा) (मानवता | सम्मान-पत्र)

‘वह रोज़ मुझे बस स्टॉप पर दिखती…. पीहू को देख मुस्कुराती….पर मुझे यह न भाता… ज़माना बड़ा खराब है…बचपन की सुनी यह बात बैठ गई

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