
नीना राजपाल (UBI भीगी पलकें प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )
भीगी भीगी पलको से,थे जो सपने सजाये ! जब आँख खुली तो ,बहुत ही दूर थे पाये ! सपने भी सपने होते हैं ,ये कहां

भीगी भीगी पलको से,थे जो सपने सजाये ! जब आँख खुली तो ,बहुत ही दूर थे पाये ! सपने भी सपने होते हैं ,ये कहां

भीगी पलकें थी क्यूंकि विदाई की घडी थी बाबुल का घर छोड़ पिया संग मैं चली थी । वोह खुशनुमा माहौल था हर तरफ खुशियों

UBI साप्ताहिक प्रतियोगिता हिंदी #१८ भीगी पलकें में प्रस्तुत कविता कभी तेरे प्यार में भीगीं पलकें कभी तेरे इकरार में भीगीं पलकें बस राह पर

बंद रही पलकें उसकी बहते रहे फिर आँसू उसके. . थामा दामन फिर उड़ गया टूट गये सारे सपने उसके . . . अब जो

Teary Eyes Mr. Berry, a poet and an author who generally inks on soft but judicious collocation based on emotions. He is also a lover
पढता गया,त्याग के प्रति सम्मान बढता गया, भीगी पलकों के सगं,वीरों के प्रति गर्व बढता गया, कुछ कर दिखाने का जोश खुद से आता है,

Only a few tears would drench the earth, When I say my final goodbye, Green grass will grow sun will spread mirth, Stars would shine

कभी अपने कमरे में जाकर लेट गई। कभी फोन देखती, फिर फोन देखती। अकारण भी देखती। समय नहीं निकल रहा है क्या करे। नींद आ

Teary Eyes Mind’s subconscious lands Target tear–glands Dart they arrows Arrows of sorrows Pierce they glands brimful Get ruptured they tearful Tears come to eyes

दबे आँसू कहते हैं कभी-कभी आँसुओं को दबा कर रखना भी अच्छा होता है तो कभी कभी आँखों से आँसुओं का बहना भी अच्छा होता
UBI stands for United By Ink®️. UBI is a Global Platform- the real-time social media interactive forum created for Readers, Writers and Facilitators alike.This platform aims to help creative souls realize their writing goals.