याद है मुझे आज भी ,२०१८ की वो आख़री शाम ,जब
आँखों में रंगीन सपने सजा
आकर मेरी दहलीज़ पर ठहर गए थे तुम
मेरी झोली सुबह की लालिमा से भर
ढलती रात को नई सुबह की सौग़ात दे गए तुम !
साल २०१९ बहुत आभार तुम्हारा
नये परिधान में पाया निश्चल प्यार तुम्हारा
कैसे कह दूँ साल २०१९ ,तुम्हें अलविदा
आँखें हैं नम ,दिल है भरा
सौ सौ अरमानों के दीप जला ,मेरी ज़िंदगी सँवार गए तुम !
धन्यवाद२०१९ साल तुम्हारा
कुछ नये लोगों का साथ मिला *
और जी गई मैं उन लमहों में सदियाँ!
मेरे गुलशन में दो **नन्हें नन्हें फूल खिलाकर
मेरा घर आँगन महका कर
मेरी यादों की किताब में एक और अध्याय जोड़ गए तुम
साल २०२० दसतक दे रहा है
अब उससे मिलने की तैयारी है
सोचती हूँ तुझसे बिछडते ये दिल किस क़दर भारी है !
तुमसे फिर कभी मिलना नहीं होगा
मगर जो दौर तुम्हारे साथ गुज़रा
उसे भी कहाँ भूला पाऊँगी मैं !
दिल की गहराईयों से आभार तुम्हारा
यादों में बसा लूँगी प्यार तुम्हारा !
**पोता और नाती का जन्म