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रंजना बंसल (UBI सपनों की उड़ान प्रतियोगिता | प्रशंसा पत्र )

जागी आँखों मे पलता ,
मन में उमंग भरता ,
जीवन को और जीवंत करता ,
पंखों में परवाज़ भरता …
एक सपना !

हौंसलें इरादों में फूँकता ,
दिमाग में बिजली सा कौंधता ,
तन को मजबूत करता ,
मन को पक्का करता …
एक सपना !

बिन सुर अधूरी है तान ,
बिन सांस कुछ नही हैं प्राण ,
बिन माँ कहाँ मिलेगी सन्तान ,
जीवन की सार्थकता भी है..
एक सपना …और उसमें भरी उड़ान ।।

 

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