बड़ा प्यारा ये जीवन है, नहीं इसको गँवाओ तुम,
दिए जाता है जो तुमको, गले उसको लगाओ तुम !
बड़ी ही मुश्किलों से देह मानुष की मिले तुमको,
है दुर्लभ ज़िंदगी तेरी, खुदा से जो मिली तुमको,
अमुल उपहार है यह मन, नहीं मैला बनाओ तुम
बड़ा प्यारा……….
मिले छोटे पलों में भी ख़ुशी तुम गौर से देखो,
ज़रूरी तो नहीं मौका बड़ा सा ही सदा खोजो,
बड़ा आनंद जीवन में, हृदय पुलकित कराओ तुम !
बड़ा प्यारा……….
जगत रब ने बनाया खूबसूरत हाथ से अपने,
दिये सूरज, सितारे, और चंदा जग को हैं उसने,
सजी दुल्हन सी ये प्रकृति, नहीं इसको मिटाओ तुम !
बड़ा प्यारा……….
पिता माता सा इक तोहफा तुम्हें जीवन में है मिलता,
दुआओं से उन्हीं की ही, जहाँ जन्नत सा है बनता,
प्रभू की इस इनायत को, कभी भी मत सताओ तुम !
बड़ा प्यारा……….
बड़ी प्यारी से इक सौगात होती ‘प्रेम’ जीवन में
समाया अक्स भी होता खुदा का खुदबखुद जिस में,
मिले इस प्यार के उपहार से दुनिया सजाओ तुम।
बड़ा प्यारा……….
मिले रिश्तों से जीवन ये बड़ा आनन्दमय बनता,
इन्हीं रिश्तों में सुख संसार का सारा ही है बसता,
मधुर रिश्तों के पुष्पों से, गुलिस्ताँ खिलखिलाओ तुम।
बड़ा प्यारा……….
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डॉ सोनिया !
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