
भावना शर्मा। (विधा : लघुकथा) (काला धब्बा | सम्मान पत्र)
राशि आज फिर उन्हीं गलियों में थी ,जहां सालों पहले आना जाना हुआ करता था।पर इन सालों में समय की दरिया में बहुत पानी बह

राशि आज फिर उन्हीं गलियों में थी ,जहां सालों पहले आना जाना हुआ करता था।पर इन सालों में समय की दरिया में बहुत पानी बह

काला निशान मतदान समाप्त हार या जीत

जो काला धब्बा दिखे सब जगह चश्मा उतारो ~~श्याम सुन्दर शर्मा

कवि ने कागज़ लिया ना शुरु किया, ना अंत किया बस एक “काला धब्बा “बना दिया “आज” का “सच” यूहीं समझा दिया । स्वरचित #स्वातिगर्ग

सही परवरिश ,मार्गदर्शन के अभाव में बच्चे के गाल का काला टीका समाज में काला धब्बा बन फैलता है । सर्वाधिकार सुरक्षित(C) भार्गवी रविन्द्र

काले मोतियों की माला पहन ली तो मंगलसूत्र कहलाता है ये काले रंग की डोर से एक रिश्ता बाँध लिया जाता है सुहागन के शिंगार

कजरौटा ——- घनी कजियारी रात में आई, वो काजल की डिबिया, सब ने देख एक आह भरी, कैसी है यह गुड़िया! काजल नाम दिया माँ

दाग ना लगने देना , कभी भी दाग ना लगने देना , काला धब्बा , आचरण से दूर ही रहने देना । काम बहुत मुश्किल

कुर्बान झाँसी वाली रानी भी हुई ,आम बहू व बेटी भी हुई बकासुर का वध करने को ,आदिशक्ति दुर्गा व काली भी हुई माँ को
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