Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors

रीता बधवार (विधा- आलेख (धन्यवाद 2019 | सहभागिता प्रमाण पत्र)

विधा- आलेख

ग़ुज़र जाने वाले साल २०१९ को मेरा प्यार भरा आखि़री सलाम।इन बेशक़ीमती पलों में हमने बहुत कुछ ऐसा खोया और पाया है जिसकी खट्टी- मीठी यादें आने वाले नये साल में
एक मीठी चुभन के साथ हमारे दिल में हमेशा बरक़रार रहेगी।

एक दो दिन में बीत जाने वाला यह साल हमारी ज़िंदगी का एक ख़ास हिस्सा है।इसकी हमारे जीवन में बहुत अहमियत है।इससे प्राप्त अनुभवों से हमें अपने वर्तमान को सुधारने का
सुनहरा मौक़ा मिलता है।वर्तमान में सुधार होता है तो भविष्य अपने आप ही सुधर जाता है।सफ़लता का मार्ग स्वत:ही खुल
जाता है।

प्रतीक्षा की घड़ियाँ काटे नहीं कटती।आने वाले नये साल का बेसब्री से इंतज़ार भी है।नये संकल्प,नये सपने,नये रास्ते व नये मौक़े तलाश करने का दबाव व ख़ुशी दोनों ही हैं।आइ्ये
पुराने वर्ष को हँस कर विदा दें और नये वर्ष का गर्मजोशी से
स्वागत करें।

अलविदा-अलविदा ऐ ग़ुज़रे ज़माने,
याद आयेंगे हमें वो नग़मे पुराने,
गुनगुनायेंगे हम अशआर ख़ुशी के,
गुदगुदायेंगे लम्हे हमें अपने माज़ी के,

शुक्रिया- थैंक्यू-धन्यवाद२०१९…🙏🏽

Leave a Comment