जागी आँखों मे पलता ,
मन में उमंग भरता ,
जीवन को और जीवंत करता ,
पंखों में परवाज़ भरता …
एक सपना !
हौंसलें इरादों में फूँकता ,
दिमाग में बिजली सा कौंधता ,
तन को मजबूत करता ,
मन को पक्का करता …
एक सपना !
बिन सुर अधूरी है तान ,
बिन सांस कुछ नही हैं प्राण ,
बिन माँ कहाँ मिलेगी सन्तान ,
जीवन की सार्थकता भी है..
एक सपना …और उसमें भरी उड़ान ।।