मेरे अंदर ही था जवाब हर सवाल का
बस ढूंढने में देर कर दी।
कुछ दूर दिख रही इस रोशनी तक पहुंचने में,
हमने ज़िंदगी अंधेर कर दी।
तुम क्या जानो कितनी तकलीफें सह कर आए हैं,
हाल बायां करते तब तक तुमने बात ही बदल दी।
काश पहले ही समझ गए होते इसकी नियत
ए – मोहब्बत तुझे समझने में उम्र अधेड़ कर दी।
#ShraddhaSingh❣️