Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors

प्रीति पटवर्धन (विधा : उद्धरण) (फूल खिले हैं गुलशन गुलशन | प्रशंसा पत्र)

गुलशन में यूँ फूल खिले
लगते यूँ रंगों के मेले
जगा कर ख्वाबों के सिलसिले
उफ़! दरमियाँ ये फासले

Leave a Comment