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नीना राजपाल (UBI जंगल की एक सुबह प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

एक सुबह  जंगल मे जाना हुआ !

चारो और छाई  थी हरियाली !

था खूबसूरत  समा !

दिल खो गया उन  वादियों मे वहां !

कहीं थे शेर ,कहीं  म्रग ,कहीं पक्षियों  का कलरव !

कानो को सूकूँ  दे रहा था हर पल !

ऐसा खूबसूरत  हो समा !

क्यो न आये हर  पल कोई यंहा !

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