नहीं! कोई डांस क्लास जाने की जरूरत नहीं है।
पर क्यों भैया?? क्या प्रॉब्लम है?
कह दिया ना नहीं!
ओह समझी आप लड़के हो और मैं लड़की ।
तो आपकी इच्छा है पूरी हो सकती है, मेरी नहीं!!
तुम्हें जो समझना है समझो और हां कल से कराटे क्लास ज्वाइन कर रही हो तुम ,समझी!!
नहीं, बिल्कुल नहीं।
देखो छोटी, मैंने तुमसे कहा है, पूछा नहीं! समझ गई।
छोटी के भाई गर्वित की बात को कोई टाल नहीं पाया ।
दिल पर पत्थर रखकर छोटी ने स्वीकार किया ।
लेकिन हां, मेरी एक शर्त है ।छोटी बोली।
बोलो !! और हां, वाजिब होगी तो ही मानी जाएगी । गर्वित बोला।
मैं कराटे क्लास पूरी हो जाने के बाद तो डांस क्लासेस जॉइन कर सकती हूं?
ठीक है मंजूर है।
गर्वित के इतना कहते ही छोटी खुशी से उछल पड़ी।
तीन महीने बीते । छोटी कराटे क्लास में उम्दा प्रदर्शन के कारण सम्मान से नवाजी गई । उस दिन समापन समारोह समाप्त होते-होते रात के 9:00 बज गए ।छोटी ने गर्वित को फोन किया कि वह उसे लेने आए लेकिन उसका फोन लगा नहीं । उसने सोचा ज्यादा दूर नहीं है, खुद ही चली जाती हूं।
आधे रास्ते पर मित्र अपने-अपने रास्ते चल दिए। कुछ ही दूरी पर जाने पर उसे पीछा करती दो परछाइयों का एहसास हुआ। एकबारगी भयातंकित हो उसने कदमों की रफ्तार बढ़ा दी ,लेकिन साथ ही परछाइयों की दूरी भी कम होने लगी।
और सहसा उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा ।उसने एक लंबी सांस भरी, धैर्य का ध्यान किया और अपने तीन महीने की मेहनत को दोनों बदमाशों से अवगत कराया जो उसका पीछा कर रहे थे।
कुछ देर में ही उसने अपने कराटे बाजी से उन्हें धूल चटा दी ।इस बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन दोनों को गिरफ्तार किया।
शरीर से धूल झाड़ती हुई वह चलने लगी तो सामने भाई और परिवार को पाया।
अब उसकी आंखों में आंसू थे और उसने अपने भाई से कहा- भैया ! आज आपको मैं दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं ,यदि आप उस दिन मेरे लिए डांस क्लास की जगह कराटे क्लास का फैसला ना लेते तो शायद मैं भी कल सुर्खियों में होती।
आपका तहे दिल से धन्यवाद और मां से लिपट कर रोने लगी।
One Comment on “अनामिका जोशी (विधा : लघु कथा) (धन्यवाद 2019 | सम्मान पत्र)”
Awesome post! Keep up the great work! 🙂