Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors

अनामिका जोशी “आस्था” (सागर किनारे प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

सागर के किनारे खड़ी हुई
जीवन की कश्ती को देखा
हिचकोले खाती लहरों पर
चाहती रही साहिल तेरे प्यार का….
मेरे हृदय की गहराइयों में
अथाह समंदर है तेरे प्यार का
इन उठती गिरती लहरों में
याचक सा भाव है तेरे प्यार का….
मन बन के नौका निकल पड़ा
पाने रहस्य तेरे प्यार का ….
पर बीच भंवर में डूब गई
तट पा न सकी तेरे प्यार का….
माँझी तो मिला पर साझी नहीं
जो दे अपनत्व तेरे प्यार सा……

Leave a Comment