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नीना राजपाल (अँधेरा प्रतियोगिता | प्रशंसा पत्र )

जब ज़िन्दगी मै तनहाई आती है ..
ज़िन्दगी सूनी हो जाती है ..
दिल जाने कंहा खो जाता है ..
मन ही मन घबराता है ..
दुनिया अंधेरी नजर आती है .
कई ज़ख्मो का पता दे जाती है ..
फिर जख्म हरे हो जाते हैँ ..
अंधेरो मै खो जाते हैँ ..

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